विश्व जनसंख्या दिवस 2024 का नारा है, ‘‘भविष्य सुघड़ करने युवा सशक्तीकरण’’ वहीं संयुक्त राष्ट्र का थीम है ‘‘कोई न पीछे छूटे, सब हों शामिल’’, अर्थात सबका साथ सबका विकास लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए ‘पर्यावरण ऊर्जा टाइम्स’ के द्वारा विश्व जनसंख्या दिवस 11 जुलाई 2024 के आयोजन हेतु युवा शक्ति को सशक्त करने एवं भविष्य को सुघड़ करने के लक्ष्य से ‘‘जनसंख्या वृद्धि से पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन पर दुष्प्रभाव एवं संभावित समाधान के मार्ग’’ थीम को रखकर, जन संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी में प्रोफेसर रणजीत कुमार (से.नि. विभागाध्यक्ष- धातुकर्म विभाग, नेशनल इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलाजी, जमशेदपुर) ने मुख्य उद्बोधन प्रस्तुत किया। डाॅ. महेश शर्मा (आचार्य संस्कृत वेद विद्वान) तथा डाॅ. अनिल कुमार (प्रांतीय पर्यावरण संयोजक, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ) ने विषय पर गंभीर तथ्यों को रखा। इसके पूर्व युवाओं में जागृति तथा सशक्तीकरण हेतु 6वी से 8वीं तक विद्यार्थियों के मध्य ‘‘जनसंख्या वृद्धि के कारण पर्यावरण एवं जैव विविधता पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव’’ विषय पर पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता एवं 9वीं से 12वीं के विद्यार्थियों के मध्य ‘‘भारत में जनसंख्या वृद्धि से उपजी पर्यावरण एवं ऊर्जा सम्बन्धी चुनौतियां एवं समाधान’’ विषय पर निबंध प्रतियोगिता तथा कालेज के सभी संकायों के विद्यार्थियों के मध्य ‘‘भारत की तेजी से बढ़ती जनसंख्या अपरोक्ष अवसर या परोक्ष आपदा?’’ विषय पर वाद-प्रतिवाद प्रतियोगिता’ रायपुर राजधानी के आसपास के स्कूलों एवं कालेजों आयोजित करवाई गई।
इस युवा शक्ति अभियान में लगभग 45 स्कूलों तथा 15 महाविद्यालयों के लगभग 2000 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया था। इन प्रतिस्पर्धाओं में प्रतिभागियों के बीच श्रेष्ठ प्रतिभागियों को स्कूल स्तर पर तथा महाविद्यालय स्तर पर पृथक-पृथक चयनित करके प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार और प्रमाण पत्र देकर 11 जुलाई 2024 को सम्मानित किया गया। इस पूरे 30 दिन के अभियान में छात्र-छात्राओं तथा शिक्षकों से पोस्टर प्रतिभागिता, चित्रकला प्रतियोगिता, निबंध एवं वाद-प्रतिवाद से एवं व्यक्तिगत परिचर्चा से जिन बिंदुओं से साक्षात्कार हुआ। जनसंख्या दिवस 11 जुलाई को आयोजन के दौरान विद्यार्थियों को पुरस्कार राशि एवं प्रमाण पत्र वितरित किए गए, जिनमें से कुछ का विवरण एवं कार्यक्रम गतिविधियां पाठकों के लिए हम यहां प्रस्तुत कर रहे हैं।
