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जानकारी
टेलीपोर्टेशन संभव है?
(01-10-2017)

टेलीपैथी के साथ टेलीपोर्टेशन इंसान के लिए रहस्यमय है। साइंस फिक्शन की फिल्मों व टीवी सीरियलों में यह काफी लोकप्रिय है। वैसे टेलीपैथी के जरिए कई लोग इलाज करने का दावा करते हैं। दूरानुभुति यह एक आत्म केन्द्रित शक्ति है, जिसका केन्द्रीकरण कर टेलीपैथी पर वार्तालाप संभव है। वैज्ञानिक टेलीपोर्टेशन को भी असंभव बता रहे हैं। टेलीग्राफ में प्रकाशित एक खबर ने इसे फिर से चर्चा में ला दिया।

रूस टेलीपोर्टेशन करने वाली मशीन बना रहा है। यह ऐसी तकनीक है, जिसें कोई भी चीज या जीव एक जगह से गायब होकर दूसरी जगह प्रकट हो जाए। इसे लोकप्रिय साइंस फिक्शन टीवी सीरियल स्टार ट्रेक में दिखाया जाता है। एक जगह से गायब होकर दूसरी जगह प्रकट होने वाले टेलीपोर्टेशन करने की रूसी कोशिशों पर छपी एक रिपोर्ट की तरफ ब्लादिमीर पुतिन का ध्यान दिलाया गया।

रूसी टेलीपोर्टेशन प्रोजेक्ट

टेलीग्राफ ने लिखा है कि पुतिन की टीम दो अरब डाॅलर का एक प्रोजेक्ट चला रही है। 2030 तक लोगों को टेलीपोर्ट किया जा सकेगा। इस तकनीक को हासिल करने पर पश्चिमी देशों की सुरक्षा पर सेंध लग जाएगी। इस पर पुतिन ने चुटकी ली कि रूस को ये गलतफहमी बने रहने देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें उन्हें निराश नहीं करना चाहिए, बल्कि हमें तो उनकी बात का समर्थन करना चाहिए। रूसी राष्ट्रपति के इस अंदाज से यह बात साफ हो गई कि रूस ऐसा कुछ नहीं कर रहा है। 

वैज्ञानिक प्रयोग सफल

टेलीपोर्टेशन करना आसान नहीं है। हालांकि वैज्ञानिक प्रयोगशाला में टेलीपोर्टेशन को कामयाबी मिल चुकी है। लेकिन ऐसी कामयाबी केवल ऊर्जा से भरे कण फोटाॅन को टेलीपोर्ट करने में मिली है। चार साल पहले आॅस्ट्रिया के वैज्ञानिकों ने कैनेरी द्वीप के ला पाल्मा और टेनेरिफ टापुओं के बीच-बीच फोटान को 143 किलोमीटर दूर भेजने में सफलता पा ली है। 2014 में हालैंड के वैज्ञानिको ने परमाणु को तीन मीटर दूर तक टेलीपोर्ट करने में सफलता अर्जित की है।

इंसान को एक जगह से दूसरी जगह टेलीपोर्ट करना फिलहाल संभव नहीं है। लेकिन विज्ञान का कोई भी सिद्धांत इसे नामुमकिन भी नहीं कहता। इस प्रक्रिया में दूसरी जगह प्रकट हुआ शख्स वही नहीं होगा, जिसे मशीन गायब करेगी। दरअसल टेलीपोर्ट में किसी चीज को सचमुच नहीं भेजा जाता, बल्कि एक जगह उसके अणुओं परमाणुओं की सूचना को भेदकर उन्हें दूसरी जगह भेजकर वापस जोड़ दिया जाता है। यानी टेलीपोर्ट हुई चीज हर मायने में असली की हूबहू नकल भर होती है।

टेलीपैथी के माध्यम से बिना संवाद एक दूसरे से बातचीत होती है, जिसमें एक दूसरे के विचारों को जाना जाता है। आध्यात्मिक क्षेत्र में टेलीपैथी के कई प्रसंग आते हैं। लेकिन व्यावहारिक तौर पर यह सफल नहीं हो सकी है। टेलीपैथी के माध्यम से आध्यात्मिक क्षेत्र में इलाज भी किया जाता है।

टेलीपैथी के साथ टेलीकोर्स जिसमें वस्तुओं को एक स्थान से उठाकर दूसरे स्थान में रखना होता है। टेलीपोर्टेशन में इंसान या जीवों को दूसरी जगह पहुॅंचाया जाता है। फिलहाल टेलीपोर्टेशन टीवी सीरियल और फिल्मों में सिमटा है।

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