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जलवायु परिवर्तन की रणनीति पर प्रशिक्षण
(01-03-2015)

जलवायु परिवर्तन अति संवेदनशीलता एवं अनुकूलन पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम 6 फरवरी को सम्पन्न हुआ। भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद देहरादून में यह प्रशिक्षण कार्यक्रम चला, जिसमें डाॅ. अश्विनी कुमार, महानिदेशक, भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद ने कहा कि जलवायु परिवर्तन सम्पूर्ण विश्व को प्रभावित कर रहा है और भारत के संदर्भ में परिवर्तनशील जलवायु के प्रति स्वयं को अनुकूल बनाने के लिए बहुत कुछ किए जाने की आवश्यकता है।
वे सरकारी क्षेत्र में कार्यरत वैज्ञानिकों एवं प्रौद्योगिकीविदों के लिए जलवायु परिवर्तन अतिसंवेदनशीलता एवं अनुकूलन रणनीतियों पर प्रशक्षिण कार्यक्रम के समापन के अवसर पर अपना उद्बोधन दिया। डाॅ. कुमार ने कहा कि भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद ने जलवायु परिवर्तन समझौता प्रक्रियाओं में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बहुत अधिक सहयोग दिया है। जलवायु परिवर्तन के लिए अनुकूलन एवं न्यूनीकरण अर्थव्यवस्था के लिए आवश्यक है।
उन्होंने आगे कहा कि परिषद अनुकूलन एवं न्यूनीकरण के लिए आवश्यक उन रणनीतियों को विकसित करने में अन्य संगठनों के साथ सहयोग करने की इच्छुक है, जो जलवायु परिवर्तन का सामना करने में राष्ट्र की मदद करेंगे। इस अवसर पर पूर्व जलवायु परिवर्तन शोध एवं प्रशिक्षण आवश्यकताओं के विषय में डाॅ. एस.पी. सिंह, उप महानिदेशक (प्रशासन), भा.वा.अ.शि.प., डाॅ. सविता, उप महानिदेशक (शिक्षा), शैबल दासगुप्ता, उप महानिदेशक (विस्तार) और डाॅ. टी.पी. सिंह, सहायक महानिदेशक, जैव विविधता एवं जलवायु परिवर्तन, भा.वा.अ.शि.प. ने भी अपने-अपने विचार प्रस्तुत किए।
सहभागियों ने भी प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर अपने-अपने विचार व्यक्त किए और प्रशिक्षण कार्यक्रमों में और            अधिक सुधार करने के लिए सुझाव भी दिए। डाॅ. एस.के. बंदोपाध्याय,    प्रधान वैज्ञानिक, भारतीय कृषि        अनुसंधान संस्थान ने भी भारत में     कृषि क्षेत्र में अनुकूलन रणनीतियों पर प्रस्तुतिकरण दिया। उन्होंने कृषि क्षेत्र में कुछ उन केस अध्ययनों का प्रस्तुतिकरण भी किया, जिन्हें अन्य क्षेत्रों में दोहराए जाने की क्षमता है।
जलवायु परिवर्तन पर सरकारी क्षेत्र में कार्यरत वैज्ञानिकों एवं प्रौद्योगिकीविदों के लिए आयोजित पांच दिवसीय प्रशिक्षण पाठ्यक्रम 06 फरवरी 2015 तक चला। इसमें देश के विश्वविद्यालयों एवं विभिन्न सरकारी वैज्ञानिक संगठनों के बीस वैज्ञानिकों ने भाग लिया। यह कार्यक्रम सरकारी क्षेत्र में कार्यरत वैज्ञानिकों एवं प्रौद्योगिकीविदों के प्रशिक्षण के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार द्वारा प्रायोजित किया गया था। डाॅ. शिल्पा गौतम ने समापन सत्र का संचालन किया। डाॅ. टी.पी. सिंह, सहायक महानिदेशक, डाॅ. अनिता श्रीवास्तव, वी.आर.एस. रावत, और डाॅ. आर.एस. रावत, वैज्ञानिक भी इस सत्र में उपस्थित थे।
प्रस्तुति: मोहन चन्द्र पुरोहित
132, फेस-2, पंडित वाड़ी, देहरादून-248001

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