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प्रकृति संरक्षण को समर्पित एकमात्र पत्रिका आम आदमी की भाषा में
विविध आलेख
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फुटबाल से लेकर मंगलयान तक विज्ञान की गूंज

01-03-2015

समय के साथ कई उपलब्धियाॅं हमारे जीवन के साथ जुड़ जाती हैं। 2014 में हमने क्या हासिल किया, इस पर सिलसिलेवार नजर डालें तो पाएंगे कि समय के साथ हमने एक मुकाम हासिल किया, जो भविष्य में हमारा मार्ग प्रशस्त करेगा।


वर्ष 2014 भारतीय विज्ञान के लिए सफलताओं का साल रहा। अंतरिक्ष में हमारे देश के वैज्ञानिकों ने नया इतिहास रचा। साल के शुरू में 5 जनवरी को स्वदेशी क्रायोजेनिक राकेट जियोसिंक्रोनस सेटेलाइट लांच वेहिकल डेवलपमेंट (जीएसएलवी डी-5) से संचार उपग्रह जीसैट-14 को सफल...

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घटती बर्फ फैलते समन्दर

01-02-2015

बढ़ते तापमान से पृथ्वी के ध्रुवों में जमी बर्फ तेजी से पिघलने लगी है। समुद्र फैल रहे हैं। इसके साथ समुद्री तूफान, अतिवृष्टि और बादल फटने की घटनाएॅं बढ़ने लगी हैं। अगर अब भी हम बढ़ते तापमान को रोकने में सजग नहीं हुए तो भविष्य संकट से घिरा रहेगा।

संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा जलवायु परिवर्तन के लिए नियुक्त अंतर्राजकीय पैनल ने वर्ष 2007 में भौगोलिक उष्मन के फलस्वरूप पृथ्वी के ध्रुवों के हिम भंडारों के विगलन की जो तस्वीर खींची थी, उसके प्रमाण अब अधिक तेजी से नजर आन...

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अंतरिक्षनाविकों के लिए रेडिएशन का खतरा कितना गंभीर?

01-01-2015

रूसी वैज्ञानिकों ने यह पता लगाया है कि अंतरिक्षनाविकों को रेडिएशन की कितनी डोज मिलती है। अभी तक जितना समझा जाता था, वास्तव में यह उससे कहीं कम है। इसका अर्थ यह है कि उड़ानें अधिक लंबी हो सकती हैं। बहरहाल, अंतरिक्षनाविकों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए रेडिएशन की कम डोज के प्रभाव को भी न्यूनतम और निष्क्रिय करना आवश्यक है।

रूसी विज्ञान अकादमी का ‘चिकित्सा-जैविकी समस्या संस्थान’ अंतरिक्षीय जैविकी की समस्याओं का अध्ययन करने वाला प्रमुख संस्थान है। इसके...

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बैगन के गुण अनेक

01-12-2014

बैंगन एक ऐसा पौधा है जिसके फल का सामान्यतः सब्जी के रूप में प्रयोग किया जाता है । जनमानस में एक आम धारणा व्याप्त है कि बेंैगन में कोई गुण नहीं होते । संभवतः इसीलिए इसे ‘बेगुन’ की संज्ञा दी गई है । 

किस्से में बैगन

यहाँ अकबर-बीरबल से संबंधित एक घटना का उल्लेख करना समीचीन होगा। एक बार बादषाह अकबर और उनके नवरत्नों में एक बीरबल सुबह के समय टहल रहे थे । अकबर को सामने कुछ खेत दिखे जिसमें पौधों में बैंगनी रंग के सुन्दर पुष्प और उसी रंग के सुन्दर फल दिख रहे ...

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अब होगी निर्मल गंगा

01-12-2014

गंगाजल की कुछ बूंदें छिड़क घर-आंगन की शुद्धि की जाती रही हैं। धर्म के अनुसार गंगा नदी जिसमें स्नान करते ही समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं। पापों को खत्म करने वाली गंगा को प्रदूषित करने वाले पापियों ने विषाक्त कर दिया। गंगा के नाम की दुहाई देते, उसमें उद्योगों का जहरीला पानी डाला। नगरों का जल-मल डाला गया और तरह-तरह उसे अपवित्र करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। हालात यह हो गए हैं कि कहीं-कहीं गंगा जल पीना तो दूर, उसमें नहाना तक घातक हो गया है।

एनजीटी करेगा कार्यवाई

ग...

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भारत के समाचार पत्रों के पंजीयक कार्यालय की पंजीयन संख्या( आर. एन. आर्इ. नं.) : 7087498, डाक पंजीयन : छ.ग./ रायपुर संभाग / 26 / 2012-14
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स्वामित्व, मुद्रक एवं प्रकाषक : एनवायरमेंट एनर्जी फाउडेषन, 28 कालेज रोड, चौबे कालोनी, रायपुर (छ.ग.) के स्वामित्व में प्रकाषित, महावीर आफसेट प्रिंटर्स, रायपुर से मुदि्रत, संपादक - ललित कुमार सिंघानिया, 205, समता कालोनी, रायपुर रायपुर (छ.ग.)

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