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प्रकृति संरक्षण को समर्पित एकमात्र पत्रिका आम आदमी की भाषा में
कैरियर
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मनोचिकित्सा के क्षेत्र में कैरियर

01-03-2015

मनोचिकित्सा के क्षेत्र में पिछले कुछ सालों में गेरेंटोलाजी के क्षेत्र में जबरदस्त उछाल आया है। यह वस्तुतः ओल्डऐज ह्यूमन बिहेवियर साइकोलाजी का क्षेत्र है, जिसमें उम्र दराज लोगों का उनके मनोरोग के अनुसार दवा दी जाती है। मनोचिकित्सा ने कैरियर के तमाम रास्ते खोल दिए हैं।
शरीर में टूटने, कटने-फटने का सर्जरी द्वारा इलाज सम्भव है। लेकिन मन में क्या उथल-पुथल चल रही है, मन में कौन सा रोग या विकार पैदा हो गया है, जिससे नींद नहीं आती है, गुस्से से किसी का गला घोंट दे...

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सूक्ष्म जैविकी में कैरियर

01-02-2015

सूक्ष्म जैविकी जिसने कई कल्पनाओं को मूर्त रूप दिया है। इस क्षेत्र में हुए इनोवेशन (माइक्रोस्कोप) की वजह से एक माइक्रो बायोलाजिस्ट 0.25 माइक्रान या उससे भी कम आकार के सूक्ष्म जीवाणु को देख सकता है, उसका अध्ययन कर सकता है। 

सूक्ष्म जैविकी बायोलाजी की एक ब्रांच है, जिसमें प्रोटोजोआ, ऐल्गी, बैक्टीरिया, वायरस जैसे सूक्ष्म जीवाणुओं (माइक्रो आर्गेनिज्म) का अध्ययन किया जाता है। इसमें माइक्रो बायोलाजिस्ट इन जीवाणुओं (माइक्रोब्स) के इंसानों, पौधों और जानवरों पर ...

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फूलों में शिक्षा और रोजगार

01-09-2014

रंग-बिरंगे फूलों की शोभा सभी का मन मोह लेती है । फूलों की    सुगंध का आनन्द भला कौन उठाना नहीं चाहेगा? किन्तु फूलों की सुगंध का आनन्द भरपूर तभी उठाया जा सकता है, जब फूल बड़ी मात्रा में उपलब्ध हों और बड़ी मात्रा फूलों  की विधिवत खेती द्वारा ही संभव है । 

फूलों का उत्पादन

फूलों की खेती या पुष्पोत्पादन (फ्लोरी कल्चर) बागवानी या उद्यान कृषि (हाॅर्टीकल्चर) की लोकप्रिय शाखा है । उद्यान कृषि में सजावटी फूलों और खूबसूरत पत्तीदार पौधों को उगाने और फिर उन्हें ...

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मृदा विज्ञान में बढ़ते सेवा के अवसर

01-04-2014

भारत एक कृषि प्रधान देश है, फिर भी निरंतर बढ़ती जनसंख्या को भोजन के लिए खाद्यान्न पूरी तरह से उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। भोजन हमारी मूलभूत आवश्यकता है। देश में ‘हरित क्रांति’ के माध्यम से कृषि उत्पादन में आशातीत वृद्धि हुई, किन्तु ‘जनसंख्या विस्फोट’ के कारण भोजन की समस्या आज भी बनी हुई है। भारत सरकार और कृषि विज्ञानियों के वर्तमान प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, इसे देखते हुए केन्द्र सरकार ने अपने 2013 के बजट में कृषि से संबंधित अनेक प्रावधान किए हैं यह कई रू...

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वेस्ट मैनेजमेंट में रोजगार है बेस्ट

01-01-1970

बढ़ता कचरा एक बड़ी समस्या बनता जा रहा है, वहीं प्रदूषण बढ़ने का कारण भी है। इसे पुनर्चक्रण कर दोबारा इस्तेमाल में लाया जा सकता है। इसी के साथ वेस्ट मैनेजमेंट एक उभरता हुआ रोजगार बनता जा रहा है, जहाॅं अवसरों की बहुतायत है।

कुछ वर्षों से देश में पर्यावरण के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ी है। वेस्ट मैनेजमेंट के क्षेत्र में युवाओं का रूझान बढ़ा है। अब तो ई-वेस्ट मैनेजमेंट का चलन जोरों पर है। इसमें ज्यादातर वेस्ट मैटीरियल इलेक्ट्रानिक व प्लास्टिक का होता है। मुर...

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भारत के समाचार पत्रों के पंजीयक कार्यालय की पंजीयन संख्या( आर. एन. आर्इ. नं.) : 7087498, डाक पंजीयन : छ.ग./ रायपुर संभाग / 26 / 2012-14
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स्वामित्व, मुद्रक एवं प्रकाषक : एनवायरमेंट एनर्जी फाउडेषन, 28 कालेज रोड, चौबे कालोनी, रायपुर (छ.ग.) के स्वामित्व में प्रकाषित, महावीर आफसेट प्रिंटर्स, रायपुर से मुदि्रत, संपादक - ललित कुमार सिंघानिया, 205, समता कालोनी, रायपुर रायपुर (छ.ग.)

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