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प्रकृति संरक्षण को समर्पित एकमात्र पत्रिका आम आदमी की भाषा में
कृषि तकनीकी
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पालीहाउस: पौध रोगों का समेकित प्रबंधन

01-03-2015

यद्यपि खुले खेतों की फसलों की तुलना में पाॅलीहाउस में बीमारियों की संख्या कम होती है, परन्तु जब भी बीमारी के बीजाणु पालीहाउस के अनुकूल वातावरण में घुस जाते हैं तो वे बड़ी तेजी से बढ़ते हैं व पौधे की ज्यादा सघनता के कारण तीव्रता से फैलकर फसल को नष्ट तक कर देने की क्षमता रखते हैं।


पिछले कुछ समय से पालीहाउस प्रौद्योगिकी में एक विशेष क्रांति आई है। पालीहाउस में लगने वाली विभिन्न प्रकार की नगदी फसलें जैसे सब्जियाॅं, फूल एवं पौधे इत्यादि की तीव्रीकरण प्रक्...

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प्राकृतिक हलवाहा केंचुआ

01-12-2014

कहा जाता है कि मनुष्य धरती पर ईष्वर की सबसे खूबसूरत रचना है। डार्विन के ‘योग्यतम की उत्तरजीविता’ सिद्धांत के अनुसार मनुष्य सभी प्रजातियों में श्रेष्ठ प्रजाति है। लेकिन जीव विज्ञानी क्रिस्टोलर लाॅयड ने अपनी पुस्तक ‘व्हाट आॅन अर्थ इवाॅल्व्ड’ में पृथ्वी पर मौजूद 100 सफल प्रजातियों की सूची में केंचुए को सबसे ऊपर रखा है। उनके अनुसार केंचुआ धरती पर लगभग 60 करोड़ वर्षों से मौजूद है। जबकि मानव प्रजाति धरती पर लगभग 16 लाख वर्ष पूर्व से उपस्थित है। 

भारत अ...

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ताकि कृषि उत्पादन में कमी न आए

01-11-2014

पृथ्वी का बढ़ता तापमान और जलवायु परिवर्तन के आगाज ने विषम परिस्थितियाॅं उत्पन्न कर दी हैं। औसत तापमान, औसत वर्षा और वायु प्रकृति में बदलाव से मौसम में बदलाव का असर अब कृषि में दिखने लगा है। ऐसी स्थितियों के चलते फसलों का उत्पादन प्रभावित हो रहा है। मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए कुछ उपाय अपनाए जा रहे हैं। फसल चक्र में परिवर्तन किया जाकर खाद्यान्न उत्पादन को बरकरार रखा जा रहा है। फिर भी मौसम परिवर्तन की चुनौतियाॅं विकराल होती जा रही हैं।  पिछले 10 वर्षों ...

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किसानों के हित में जैविक खेती

01-08-2014

आज के समय में किसान भाई अधिक पैदावार प्राप्त करने के लिए बेधड़क रासायनिक खादों का प्रयोग करने में लगे हैं। प्रतियोगिता में सबसे आगे रहने के उद्देश्य से उपजाऊ खेती को बंजर बनाने में तुला हुए हैं। रासायनिक खादों के उपयोग से भूमि की उर्वरा शक्ति छिन रही है। जैविक खाद के प्रयोग से पैदावार में वृद्धि होने के साथ ही खर्च कम आता है। इससे पैदा होने वाले खाद्यान्न का बाजार मूल्य अधिक मिलता है, स्वास्थ्य के लिए उत्तम होता है व प्रदूषण भी कम फैलता है। किसानों को जैविक ...

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मिट्टी खुरचने और लादने की मशीन

01-08-2014

उबड़-खाबड़ कृषि भूमि में बीजाई करना मुश्किल होता है। कई बार खेत में जमी अतिरिक्त मिट्टी को हटाना आवश्यक हो जाता है। यह मिट्टी खेत में अक्सर बरसात के बाद जम जाती है। रेशम सिंह (56) और कुलदीप सिंह (52) ने स्वतंत्र रूप से ऐसी मशीनें विकसित की हैं, जो न केवल मिट्टी खुरचने और भूमि को समतल करने के काम में आती हैं, बल्कि यह मिट्टी को आसानी से ट्रेक्टर ट्राली में भर देती हैं। ये मशीनें ट्रेक्टर पीटीओ से चलती है और आधे मिनट से लेकर दो मिनट के भीतर 11 फुट ग 6 फुट ग 2.25 फुट की  ट्राली ...

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भारत के समाचार पत्रों के पंजीयक कार्यालय की पंजीयन संख्या( आर. एन. आर्इ. नं.) : 7087498, डाक पंजीयन : छ.ग./ रायपुर संभाग / 26 / 2012-14
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स्वामित्व, मुद्रक एवं प्रकाषक : एनवायरमेंट एनर्जी फाउडेषन, 28 कालेज रोड, चौबे कालोनी, रायपुर (छ.ग.) के स्वामित्व में प्रकाषित, महावीर आफसेट प्रिंटर्स, रायपुर से मुदि्रत, संपादक - ललित कुमार सिंघानिया, 205, समता कालोनी, रायपुर रायपुर (छ.ग.)

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