/
/
/
/
/
/
/
/

प्रकृति संरक्षण को समर्पित एकमात्र पत्रिका आम आदमी की भाषा में
नई तकनीकी
Search By Month & Year:-
नई तकनीकी के नए उत्पाद

01-02-2015

वैज्ञानिक शोध अध्ययन के साथ अनेक नए उत्पाद बाजार में आ रहे हैं। ऐसे उत्पाद जीवन को और अधिक सुगम बना रहे हैं। इन्हीं के साथ जीवनचर्या की अनेक समस्याएॅं स्वमेव सुलझ रही हैं। वर्तमान में बढ़ते प्रदूषण के मद्देनजर पर्यावरण प्रिय उत्पाद बेहतर साबित हो रहे हैं। वहीं वैज्ञानिक अध्ययनों ने उन खतरों से आगाह किया है, जिनसे हम आमतौर पर अनजान होने पर रोग ग्रसित हो जाते हैं।

बिना बिजली का वर्षा पम्प

नीदरलैंड के शोधकर्ताओं ने खेतों की सिंचाई को बेहद आसान बनाने व...

पूरा पढ़ें


हाई-स्पीड इंटरनेट के जनक पालराज को ‘नोबल’

01-05-2014

अमरीका के स्टैनफर्ड यूनिवर्सिटी में काम कर रहे भारतीय मूल के प्रोफेसर वैज्ञानिक आरोग्यास्वामी जोसेफ पालराज को वायरलेस तकनीक में उनके सहयोग के लिए साल 2014 का मारकोनी पुरस्कार दिया गया है। इस पुरस्कार को आम बोलचाल की भाषा में टेकनोलाजी नोबेल भी कहा जाता है।

पुरस्कार देने वाली मारोकनी सोसाइटी का कहना है कि सिगनल रिसीव और ट्रांस्मिट करने के लिए एक से ज्यादा एंटीना का प्रयोग करने की प्रोफेसर पालराज की थ्योरी आज की आधुनिक हाई स्पीड वाई-फाई और 4जी तकनीक की ज...

पूरा पढ़ें


पेड़-पौधों के बिना कृत्रिम फोटोसिंथेसिस

01-05-2014

प्रकृति इंसान से कई गुना बेहतर वैज्ञानिक और इंजीनियर है, इसीलिए अक्सर वैज्ञानिक नई तकनीक ईजाद करने के लिए प्रकृति से सीखते हैं या उसकी नकल की कोशिश करते हैं। इन्हीं में से एक तकनीक फोटोसिंथेसिस या प्रकाश संश्लेषण की है। पौधे सूर्य की किरणों की ऊर्जा के सहारे कार्बन डाईआॅक्साइड और पानी का विघटन करके अपने लिए ग्लूकोज बनाते हैं और आॅक्सीजन हवा में छोड़ते हैं। इस तरह हवा में आॅक्सीजन की जरूरी मात्रा बनी रहती है। 

पेड़ों से आॅक्सीजन

जाहिर है, सभी ...

पूरा पढ़ें


केंचुआ संचालित शौचालय

01-01-1970

आधुनिक शौचालयों में पानी की   अत्यधिक खपत होती है। अब एक तकनीक ऐसी भी है, जो हटकर है। ऐसे शौचालयों में पानी और बिजली की जरूरत ही नहीं है। सबसे बड़ी बात यह है कि यह दुर्गंध रहित होते हैं। फिर कम्पोस्ट खाद भी बनती जाती है।

शौचालय ऐसे भी बनने लगे हैं, जहाॅं बिजली और पानी की जरूरत ही नहीं है। शौचालय को ढूॅंढ़ने नाक पर भरोसा करने वाले निराश होंगे, जहाॅं से कोई दुर्गंध नहीं आती। ऐसे शौचालय की साफ-सफाई केचुओं के भरोसे होती है।

लोकप्रिय होते शौचालय

केचुॅंए वाल...

पूरा पढ़ें


1   Total Number Of Pages is:1
 

भारत के समाचार पत्रों के पंजीयक कार्यालय की पंजीयन संख्या( आर. एन. आर्इ. नं.) : 7087498, डाक पंजीयन : छ.ग./ रायपुर संभाग / 26 / 2012-14
संपादक - ललित कुमार सिंघानिया, संयुक्त संपादक - रविन्द्र गिन्नौरे, सह संपादक - उत्तम सिंह गहरवार, सलाहकार - डा. सुरेन्द्र पाठक, महाप्रबंधक - राजकुमार शुक्ला, विज्ञापन एवं प्रसार - देवराज सिंह चौहान, लेआउट एवं डिजाइनिंग -उत्तम सिंह गहरवार, विकाष ठाकुर
स्वामित्व, मुद्रक एवं प्रकाषक : एनवायरमेंट एनर्जी फाउडेषन, 28 कालेज रोड, चौबे कालोनी, रायपुर (छ.ग.) के स्वामित्व में प्रकाषित, महावीर आफसेट प्रिंटर्स, रायपुर से मुदि्रत, संपादक - ललित कुमार सिंघानिया, 205, समता कालोनी, रायपुर रायपुर (छ.ग.)

COPYRIGHT © BY PARYAVARAN URJA TIMES
DEVELOPED BY CREATIVE IT MEDIA