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प्रकृति संरक्षण को समर्पित एकमात्र पत्रिका आम आदमी की भाषा में
विज्ञान के बढ़ते कदम
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शुक्र ग्रह पर तूफानों की दौड़

01-10-2017

मंगल ग्रह की तरह ही शुक्र ग्रह भी हमारी पृथ्वी का दूसरा निकट पड़ोसी है। किंतु, पृथ्वी की अपेक्षा सूर्य के और निकट होने के कारण वहां तापमान बहुत अधिक है। उसका वायुमंडल भी बहुत तेज गतिवाले तूफानों से उमड़ता-घुमड़ाता रहता है। वैज्ञानिकों ने पाया है कि इन तूफानों की गति समय के साथ रहस्यमय ढंग से और भी बढ़ती ही जा रही है।

वे 400 किलोमीटर प्रतिघंटे से भी अधिक की गति से शुक्र ग्रह को झकझोरे जा रहे हैं। हमारी पृथ्वी पर यह गति सबसे गतिवान बवंडरी तूफान (टोरनैडो) ही प्राप्...

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भविष्य बिना बुढ़ापा वाला: रोगमुक्त जीवन

01-10-2017

जीवन को लम्बा और सुखमय बनाने की कोशिश में वैज्ञानिकों ने काफी हद तक कामयाबी हासिल कर ली है। लम्बे समय तक जवान बने रहकर बुढ़ापा को रोकना संभव हो गया है। वैज्ञानिकों ने बुढ़ापे को उलट कर लम्बी उम्र पाने की तरकीब खोज निकाली है। वैज्ञानिकों ने उम्मीद जताई है कि अब इस तकनीक के जरिए ऐसे नए उपचार विकसित किए जा सकेंगे, जो लोगों के स्वास्थ्य को बेहतर रखने के साथ बिना बुढ़ापा का जीवन दे सकेंगे। वहीं कई खतरनाक रोगों से मुक्ति भी पाई जा सकेगी। 

शरीर की कोशिकाओं में परि...

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अंतरिक्ष से धरती में आएगी सूरज की ऊर्जा

01-08-2015

सूरज अपनी किरणों से पृथ्वी के जीवन को गति दे रहा है। ऊर्जा के अक्षय स्रोत सौर ऊर्जा हमें निरंतर मिल सकती है। अब तक सूरज के ताप को विद्युत ऊर्जा में बदलने के लिए पिछड़े हुए हैं, मगर हारे नहीं हैं। अंतरिक्ष में सौर पैनल लगा कर सौर ऊर्जा को लाने के काम में चीन जुट गया है।

सूर्य पृथ्वी का जीवनदाता है, जो हमें ऊर्जा प्रदान करता है। विद्युत ऊर्जा उत्पादन के लिए हम अपने पांव पर कुल्हाड़ी मार रहे हैं। मगर असीमित सौर ऊर्जा का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं। ताप विद्युत घर, क...

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धरती की आॅंख ने देखा पृथ्वी जैसा ग्रह

01-08-2015

पृथ्वी के इतर कहाॅं पर जीवन है? ऐसे ग्रह की खोज जारी है। स्पेस टेलीस्कोप से ग्रहों की तलाश जारी है। भविष्य में दूसरे ग्रहों में इंसानी बस्ती बन सकती है। इसी काल्पनिक सोच को यथाथर्् रूप देने में वैज्ञानिक जुटे हुए हैं।

पृथ्वी की तीसरी आंख केपलर स्पेस टेलीस्कोप को कहा गया है, जिसने  धरती से 500 प्रकाश वर्ष दूर दूसरी धरती को खोजा है।  एक सेकंड में 3 लाख किलोमीटर चलने वाला प्रकाश एक साल में 9 खरब किलोमीटर, अब इसे 500 से गुणा कर दें तो इतनी ही दूर है दूसरी    धरती...

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डेस्कटाप, लैपटाप और अब ब्रेनटाप

01-06-2015

अब जैसा चाहते हैं, वह काम व्यवहार में सम्भव हो जाए। वैज्ञानिकों ने इंसानों के बीच ब्रेन कम्युनिकेश्न को सम्भव कर दिया है। इसी के साथ नए स्मार्टफोन और टैबलेट्स की दुनिया में क्रांतिकारी बदलाव होंगे। आने वाले समय में इंसान अपने दिमाग को ही कम्प्युटर में अपलोड करने में सक्षम हो जाएगा।
सुनने में भयावह लग सकता है कि आपका हाथ किसी और की इच्छा से हिल-डुल रहा है और उस ‘किसी और’ को आप देख भी नहीं पा रहे। लेकिन अब यह सम्भव हो गया है। पिछले दिनों वाशिंगटन विश्ववि...

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स्वामित्व, मुद्रक एवं प्रकाषक : एनवायरमेंट एनर्जी फाउडेषन, 28 कालेज रोड, चौबे कालोनी, रायपुर (छ.ग.) के स्वामित्व में प्रकाषित, महावीर आफसेट प्रिंटर्स, रायपुर से मुदि्रत, संपादक - ललित कुमार सिंघानिया, 205, समता कालोनी, रायपुर रायपुर (छ.ग.)

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